देश को आत्मनिर्भर बनाने की ओर अग्रसर हो जनता : मोदी

नई दिल्ली। देश के 74वें स्वाधीनता दिवस के अवसर पर लाल किले के प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विभिन्न मुद्दों पर बात रखी। सीमा सुरक्षा से लेकर महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने तक पर प्रधानमंत्री ने देश को सरकार की योजनाओं और नीतियों से अवगत कराया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत, नेशनल डिजिटिल हेल्थ मिशन, पाकिस्तान और चीन की नापाक हरकतों सरीखे मुद्दों पर देश को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि अब देश को आत्मनिर्भर बनना ही होगा।  पीएम ने कहा कि कब तक हमारे कच्चे माल विदेश  से फिनिश्ड आयटम बन कर लौटेंगे। पीएम ने लोगों से अपील की कि वे देश के आत्मनिर्भर बनने में ज्यादा से ज्यादा योगदान दें।उन्होंने विश्वास जताया कि देश युवाओं और प्रोफेशनल्स के दम पर आत्मनिर्भर बन कर रहेगा। संबोधन के शुरूआत में प्रधानमंत्री ने देश की स्वतंत्रता के लिए प्राण न्योछावर करने वाले शहीदों, महापुरुषों को नमन् किया। उन्होंने कहा कि देश इसके लिए सदैव ऋणी रहेगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आजादी का पर्व हमारे लिए आजादी के वीरों को याद करके नए संकल्पों की ऊर्जा का एक अवसर होता है। ये हमारे लिए नई उमंग, उत्साह और प्रेरणा लेकर आता है। अगला आजादी का पर्व जब हम मनाएंगे, तो आजादी के 75 वें वर्ष में प्रवेश करेंगे। ये हमारे लिए बहुत बड़ा अवसर है  कोरोना महामारी के बीच, 130 करोड़ भारतीयों ने एक आत्म निर्भर भारत बनाने का संकल्प लिया है।



विस्तारवाद की सोच ने सिर्फ कुछ देशों को गुलाम बनाकर ही नहीं छोड़ा, बात वहीं पर खत्म नहीं हुई। भीषण युद्धों और भयानकता के बीच भी भारत ने आजादी की जंग में कमी और नमी नहीं आने दी । आज जो हम स्वतंत्र भारत में सांस ले रहे हैं, उसके पीछे मां भारती के लाखों बेटे-बेटियों का त्याग, बलिदान और मां भारती को आजाद कराने के लिए समर्पण है।  
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज ऐसे सभी स्वतंत्रता सेनानियों को, वीर शहीदों को नमन करने का ये पर्व है- गुलामी का कोई कालखंड ऐसा नहीं था जब हिंदुस्तान में किसी कोने में आजादी के लिए प्रयास नहीं हुआ हो, प्राण-अर्पण नहीं हुआ हो। अगले वर्ष हम अपनी आजादी के 75वें वर्ष में प्रवेश कर जाएंगे। एक बहुत बड़ा पर्व हमारे सामने है। कोरोना के इस असाधारण समय में, सेवा परमो धमर्रू की भावना के साथ, अपने जीवन की परवाह किए बिना हमारे डॉक्टर्स, नर्से, पैरामेडिकल स्टाफ, एंबुलेंस कर्मी, सफाई कर्मचारी, पुलिसकर्मी, सेवाकर्मी, अनेको लोग, चैबीसों घंटे लगातार काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत ने असाधारण समय में असंभव को संभव किया है। इसी इच्छाशक्ति के साथ प्रत्येक भारतीय को आगे बढ़ना है। वर्ष 2022, हमारी आजादी के 75 वर्ष का पर्व, अब बस आ ही गया है। हमारी नीतियां , हमारे प्रयास, हमारे उत्पाद, सब कुछ बेस्ट होना चाहिए, सर्वश्रेष्ठ होना चाहिए, तभी हम एक भारत-श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना को साकार कर पाएंगे । पीएम ने कहा 21वीं सदी के इस दशक में अब भारत को नई नीति और नई रीति के साथ ही आगे बढ़ना होगा। अब साधारण से काम नहीं चलेगा।  पीएम ने कहा बीते एक साल में ही देश ने ऐसे अनेक महत्वपूर्ण फैसले लिये, अनेक महत्वपूर्ण पड़ाव पार किए।
   पीएम ने कहा भारत के जितने प्रयास शांति और सौहार्द के लिए हैं, उतनी ही प्रतिबद्धता अपनी सुरक्षा के लिए, अपनी सेना को मजबूत करने की है। भारत अब रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता के लिए भी पूरी क्षमता से जुट गया है।  चीन और पाकिस्तान को एक साथ कड़ा संदेश देते हुए पीएम ने कहा कि भारत की संप्रभुता का सम्मान हमारे लिए सर्वोच्च है। इस संकल्प के लिए हमारे वीर जवान क्या कर सकते हैं, देश क्या कर सकता है, ये लद्दाख में दुनिया ने देखा है। हमारे पड़ोसी देशों के साथ, चाहे वो हमसे जमीन से जुड़े हों या समंदर से, अपने संबंधों को हम सुरक्षा, विकास और विश्वास की साझेदारी के साथ जोड़ रहे हैं। लेकिन एलओसी से लेकर एलएसी तक, देश की संप्रभुता पर जिस किसी ने आँख उठाई है, देश ने, देश की सेना ने उसका उसी भाषा में जवाब दिया है।


   प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत में कोराना की एक नहीं, दो नहीं, तीन-तीन वैक्सीन्स इस समय टेस्टिंग के चरण में हैं। जैसे ही वैज्ञानिकों से हरी झंडी मिलेगी, उन वैक्सीन्स का बड़े पैमाने पर प्रोडक्शन  होगा। आज से देश में एक और बहुत बड़ा अभियान शुरू होने जा रहा है। ये है नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन। नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन, भारत के हेल्थ सेक्टर में नई क्रांति लेकर आएगा। आपके हर टेस्ट, हर बीमारी, आपको किस डॉक्टर ने कौन सी दवा दी, कब दी, आपकी रिपोर्ट्स क्या थीं, ये सारी जानकारी इसी एक हेल्थ  आईडी में समाहित होगी। जब कोरोना शुरू हुआ था तब हमारे देश में कोरोना टेस्टिंग के लिए सिर्फ एक लैब थी। आज देश में 1,400 से ज्यादा लैब्स हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत में महिलाएं अंडरग्राउंड कोयला खदानों में काम कर रही हैं तो लड़ाकू विमानों से आसमान की बुलंदियों को भी छू रही हैं देश के जो 40 करोड़ जनधन खाते खुले हैं, उसमें से लगभग 22 करोड़ खाते महिलाओं के ही हैं। कोरोना के समय में अप्रैल-मई-जून, इन तीन महीनों में महिलाओं के खातों में करीब-करीब 30 हजार करोड़ रुपए सीधे ट्रांसफर किए गए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में नई राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा रणनीति का मसौदा तैयार कर लिया गया है ।साल 2014 से पहले देश की सिर्फ 5 दर्जन पंचायतें आॅप्टिल फाइबर से जुड़ी थीं। बीते पांच साल में देश में डेढ़ लाख ग्राम पंचायतों को आॅप्टिकल फाइबर से जोड़ा गया है। आने वाले एक हजार दिन में इस लक्ष्य को पूरा किया जाएगा। आने वाले 1000 दिन में देश के हर गांव को आॅप्टिकल फाइबर से जोड़ा जाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में, आधुनिक भारत के निर्माण में, नए भारत के निर्माण में, समृद्ध और खुशहाल भारत के निर्माण में, देश की शिक्षा का बहुत बड़ा महत्व है। इसी सोच के साथ देश को एक नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति मिली है। कोरोना के समय में हमने देख लिया है कि डिजिटल भारत अभियान की क्या भूमिका रही है। अभी पिछले महीने ही करीब-करीब 3 लाख करोड़ रुपए का ट्रांजेक्शन अकेले भीम एप्स से हुआ है। एक आम भारतीय की शक्ति, उसकी ऊर्जा, आत्मनिर्भर भारत अभियान का बहुत बड़ा आधार है। इस ताकत को बनाए रखने के लिए हर स्तर पर, निरंतर काम हो रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि ये भी पहली बार हुआ है जब अपने घर के लिए होम लोन की ईएमआई पर भुगतान अवधि के दौरान 6 लाख रुपए तक की छूट मिल रही है। अभी पिछले वर्ष ही हजारों अधूरे घरों को पूरा करने के लिए 25 हजार करोड़ रुपए के फंड की स्थापना हुई है। मध्यम वर्ग से निकले प्रोफेशनल्स भारत ही नहीं पूरी दुनिया में अपनी धाक जमाते हैं।     (हिफी)