राजमाताजी मंदिर में अलौकिक गणेश विसर्जन

दिल्ली। स्थापना से पहले सम्मानित ढंग से गणेश विसर्जन सुनिश्चित करें यह विचार व्यक्त किये स्वामी श्री राजेश्वरानंद जी महाराज ने गोरखपार्क शाहदरा स्थित श्रीराजमाता झंडेवाला मंदिर में गणेशोत्सव सन्दर्भ में। संस्थान के सहप्रबन्धक राम वोहरा ने बताया कि स्वामी श्री राजेश्वरानंद जी महाराज के मार्गदर्शन में श्रीराजमाता जी मंदिर में अलौकिक रूप से गणेशोत्सव व विसर्जन किया गया।



भजन कीर्तन गणेशजीकी आरती उतारी गई।फिर मंदिर के मुख्यद्वार पर अलौकिक रूप से निर्मित क्षीरसागर रूपी दुग्ध से परिपूर्ण पात्र में गुलाबजल, सुगन्ध,पुष्पों के बीच गणपति बप्पा मोरया-अगले बरस तू जल्दी आ के जयकारों के बीच गणेश प्रतिमा को विसर्जित किया गया।इस सारी गणेश प्रतिमा व विसर्जन जल से खीर बनाई जाएगी जोकि भक्तजनों के साथ रास्ते के पथिको को बंटेगी। चार दिनों के कठिन परिश्रम से खोया व सूखे मेवों द्वारा दीपा शर्मा ने गणेशजीकी अदभुत व अलौकिक प्रतिमा का निर्माण किया।इस गणेश प्रतिमा के निर्माण में ढाई किलो खोया,एक किलो सूखे मेवे,एक किलो चीनी का बुरा व खाने वाले रँगों का उपयोग किया गया।


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