पीएनबी का भविष्य उज्ज्वल सुनील मेहता

 



पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ने चालू तिमाही (जनवरी-मार्च 2019) में 10,000 करोड़ रुपये की वसूली का लक्ष्य रखा है। पीएनबी के एमडी और सीईओ सुनील मेहता ने कहा कि अगले कारोबारी साल के लिए लक्ष्य अभी तय नहीं किया गया है। उन्होंने एक साक्षात्कार में कहा कि इससे पहले के तीन तिमाहियों में बैंक ने करीब 16,000 करोड़ रुपये की वसूली की है। बैंक ने अपने एनपीए को कम करने के लिए कई कदम उठाए हैं। बैंक एक विशेष वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) योजना चला रहा है। इसके तहत वैसे अकाउंट्स को रखा गया है, जिनमें 31 मार्च 2018 को 25 करोड़ रुपये तक का बकाया था।
श्री मेहता ने कहा कि देशभर में ओटीएस शिविर लगाए जा रहे हैं, जिनमें कर्जदार ग्राहक और बैंक आपस में मिलकर एक उपयुक्त राशि तय करते हैं। इसके अलावा बैंक ने ऐसे विशेष अकाउंट्स में वसूली के लिए भी प्रयास तेज किया है, जिनमें 100 फीसद प्रोविजन हो चुका है और जो 31 मार्च 2018 तक संचालन में थे। इस तरह के अकाउंट्स में कुछ भी वसूली होती है, तो बैंक के लाभ कमाने की क्षमता बढ़ेगी, क्योंकि प्रोविजन की गई राशि मुक्त होगी। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय स्तर पर सरफेसी कानून के तहत प्रतिभूतियों की ई-नीलामी के जरिए वसूली पर अधिक जोर दिया जा रहा है। पिछले महीने बैंक ने देशभर में स्थित 4,000 से अधिक संपत्तियों को ई-नीलामी पर रखने का फैसला किया। बैंक को मिशन गांधीगीरी के जरिये भी काफी वसूली होने की उम्मीद है। यह मिशन मई 2017 में शुरू किया गया था। मिशन गांधी के तहत बैंक के हर सर्किल में एक समर्पित टीम काम कर रही है। इस मिशन से जुड़े लोग कर्जदार के दफ्तर या घर के पास हाथो में तख्तियां लिए शांतिपूर्वक बैठ जाते हैं। हाल में ही बैंक पिछली तीन तिमाहियों में पहली बार मुनाफे में लौटा है। दिसंबर 2018 तिमाही में बैंक को 247 करोड़ रुपये का लाभ हुआ। पिछले साल नीरव मोदी घोटाला मामले ने बैंक को बुरी तरह से प्रभावित किया था। चालू वित्त वर्ष की जुलाई-सितंबर तिमाही में बैंक ने 4,532 करोड़ रुपये का घाटा दर्ज किया था।